आयकर अधिनियम 2025 ने बचत खाते में नकद जमा करने की सीमा को लेकर नए नियम लागू किए हैं, जो आम नागरिकों और व्यवसायियों के लिए चौंकाने वाले हैं। बचत खाते में नकद जमा सीमा के इन नियमों का उल्लंघन करने वालों को भारी जुर्माना और आयकर विभाग की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। आइए, इस सनसनीखेज खबर के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं।
नया नियम: बचत खाते में कितना कैश जमा कर सकते हैं?
सूत्रों के अनुसार, आयकर अधिनियम 2025 के तहत बचत खाते में नकद जमा सीमा को 10 लाख रुपये प्रति वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) और 2 लाख रुपये प्रति दिन निर्धारित किया गया है। इसका मतलब है कि अगर आप एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक या एक दिन में 2 लाख रुपये से अधिक नकद जमा करते हैं, तो बैंक इसकी जानकारी आयकर विभाग को देगा।
ध्यान दें: यदि आपकी जमा राशि इस सीमा को पार करती है और आपके पास आय का वैध स्रोत नहीं है, तो आयकर विभाग नोटिस जारी कर सकता है। यह नियम काले धन पर लगाम लगाने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लागू किया गया है।
क्यों लागू हुआ यह नियम?
सरकार का कहना है कि इनकम टैक्स नियम 2025 के तहत ये सख्ती इसलिए की गई है ताकि नकद लेन-देन में पारदर्शिता बनी रहे। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके आयकर विभाग अब आपके खर्च और आय के बीच अंतर को आसानी से पकड़ सकता है। बड़े नकद जमा, खासकर बिना वैध स्रोत के, टैक्स चोरी के संदेह को जन्म दे सकते हैं।
पैन कार्ड और आय का प्रमाण अनिवार्य
नए नियमों के तहत, उच्च मूल्य के नकद जमा के लिए पैन कार्ड और आय के स्रोत का प्रमाण देना अनिवार्य है। अगर आप 10 लाख रुपये से अधिक नकद जमा करते हैं और आय का वैध स्रोत नहीं बता पाते, तो 60% तक टैक्स कटौती का सामना करना पड़ सकता है। स्रोत: X पोस्ट, 19 जनवरी 2025

क्या होगा उल्लंघन का परिणाम?
यदि आप कैश डिपॉजिट लिमिट का उल्लंघन करते हैं, तो आयकर अधिनियम की धारा 131, 142(1), या 148 के तहत जांच शुरू हो सकती है। इसके अलावा, भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जमा राशि का रिकॉर्ड रखना और वैध आय स्रोत का प्रमाण देना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
कैसे बचें आयकर विभाग के नोटिस से?
- हमेशा पैन कार्ड का उपयोग करें।
- आय का वैध स्रोत, जैसे वेतन, व्यवसाय, या निवेश से प्राप्त रसीदें संभालकर रखें।
- 10 लाख रुपये से अधिक जमा करने से पहले टैक्स सलाहकार से संपर्क करें।
- डिजिटल लेन-देन को प्राथमिकता दें, क्योंकि ये कम संदेह पैदा करते हैं।
आम जनता पर क्या होगा असर?
ये नियम ईमानदार करदाताओं को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि काले धन और टैक्स चोरी को रोकने के लिए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे व्यवसायियों और नकद लेन-देन पर निर्भर लोगों को दिक्कत हो सकती है। इसलिए, टैक्स नियम का पालन करना और रिकॉर्ड रखना अब अनिवार्य हो गया है।
सुझाव: अपने बैंक खाते में नियमित रूप से छोटी-छोटी राशि जमा करें और बड़े नकद जमा से बचें। इससे आयकर विभाग का ध्यान आप पर कम पड़ेगा।
निष्कर्ष
आयकर अधिनियम 2025 के नए नियमों ने बचत खाते में नकद जमा सीमा को और सख्त कर दिया है। अगर आप इन नियमों का पालन नहीं करते, तो भारी जुर्माना और जांच का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, अपने वित्तीय लेन-देन को पारदर्शी रखें और आयकर विभाग के नोटिस से बचें। अधिक जानकारी के लिए अपने टैक्स सलाहकार से संपर्क करें और नवीनतम इनकम टैक्स नियम 2025 को समझें।