युद्धविराम की आधिकारिक घोषणा: दोनों देशों ने मानी शांति की बात

भारत-पाकिस्तान युद्धविराम

11 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान युद्धविराम की घोषणा की, जिसके बाद सीमा पर गोलाबारी और ड्रोन हमले रुक गए। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पाकिस्तान ने हमारी शर्तों पर युद्धविराम स्वीकार किया है। हम चाहते हैं कि सीमा शांति बनी रहे, लेकिन किसी भी उकसावे का जवाब देने के लिए हम तैयार हैं।”

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी बयान दिया, “हम युद्ध नहीं चाहते। अगर भारत कोई और कार्रवाई नहीं करता, तो हम भी शांति बनाए रखेंगे।” इस समझौते में अमेरिकी मध्यस्थता की बड़ी भूमिका रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “लंबी बातचीत के बाद दोनों देश पूर्ण युद्धविराम पर सहमत हुए हैं।” संयुक्त राष्ट्र और रूस ने भी इस कदम का स्वागत किया।

भारत-पाकिस्तान युद्धविराम
भारत-पाकिस्तान युद्धविराम युद्धविराम की घोषणा पर सीमावर्ती क्षेत्रों में उमड़ी खुशी

सीमावर्ती लोगों की प्रतिक्रिया: “अब डर के साये से बाहर आएंगे”

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में रहने वाले मोहम्मद यूसुफ, जो सीमा के पास खेती करते हैं, कहते हैं, “पिछले हफ्ते रात को धमाकों की आवाज से नींद नहीं आई। अब सीमा शांति की खबर सुनकर दिल को सुकून मिला है।” पंजाब के गुरदासपुर के किसान गुरतार सिंह ने बताया, “बीएसएफ ने हमें फसल काटने को कहा था, क्योंकि युद्ध का डर था। अब हम खेतों में बिना डर के काम शुरू कर सकते हैं।”

राजस्थान के बाड़मेर में व्यापारी रमेश चौधरी ने कहा, “पाकिस्तान के साथ व्यापार रुकने से हमारा धंधा ठप हो गया था। अब अगर अटारी बॉर्डर (Attari border) फिर से खुलेगा, तो हमारी रोजी-रोटी चल पड़ेगी।” गुजरात के कच्छ में रहने वाली रेखा बेन, जिनका परिवार विस्थापित हुआ था, बोलीं, “हम अपने घर लौटना चाहते हैं। युद्धविराम से उम्मीद जगी है कि अब सब ठीक होगा।”

जीवन फिर से पटरी पर: बाजारों में रौनक, स्कूल खुले

युद्धविराम के बाद सीमावर्ती इलाकों में जीवन सामान्य होने के संकेत दिख रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के बारामूला और कुपवाड़ा में स्कूल फिर से खुल गए हैं। स्थानीय शिक्षक शबाना मीर ने कहा, “बच्चे डर के मारे स्कूल नहीं आ रहे थे। अब माता-पिता उन्हें भेजने को तैयार हैं।”

पंजाब के अमृतसर में अटारी बॉर्डर के पास बाजारों में भीड़ लौटने लगी है। दुकानदार हरप्रीत सिंह ने बताया, “पिछले हफ्ते दुकानें बंद थीं। अब ग्राहक वापस आ रहे हैं।” राजस्थान के जैसलमेर में यातायात सामान्य हो रहा है और पर्यटक भी लौट रहे हैं।

बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स: तनाव कम, संवाद शुरू

सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच संवाद बढ़ा है। बीएसएफ के डीआईजी योगेंद्र सिंह ने कहा, “हमने पाकिस्तानी रेंजर्स से स्पष्ट कहा है कि सीमा शांति के लिए दोनों पक्षों को जिम्मेदारी निभानी होगी।” हाल ही में दोनों पक्षों ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर फ्लैग मीटिंग की, जिसमें घुसपैठ और ड्रोन हमलों को रोकने पर सहमति बनी।

जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा में बीएसएफ ने गश्त बढ़ा दी है, लेकिन अब आक्रामक कार्रवाई की जगह निगरानी पर जोर है। एक बीएसएफ जवान ने कहा, “हमारी नजर हर हरकत पर है, लेकिन अब गोलीबारी की जरूरत नहीं पड़ रही।”

नेताओं और सेना प्रमुखों की प्रतिक्रिया: “शांति, लेकिन सतर्कता जरूरी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा, “भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा।” गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ और सेना की तारीफ की और कहा, “हमारे जवानों ने हर चुनौती का डटकर मुकाबला किया।”

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, “हम बातचीत से विवाद सुलझाने को तैयार हैं।” भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने चेतावनी दी, “हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन किसी भी उकसावे का जवाब देने को तैयार हैं।”

भविष्य की चुनौतियां और आशाएं: स्थायी शांति का सपना

हालांकि भारत-पाकिस्तान युद्धविराम ने राहत दी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी शांति के लिए दोनों देशों को गंभीर कदम उठाने होंगे। विदेश नीति विश्लेषक प्रोफेसर रमेश ठाकुर कहते हैं, “द्विपक्षीय व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से रिश्ते सुधर सकते हैं। अटारी बॉर्डर जैसे रास्ते फिर से खोलने चाहिए।”

स्थानीय लोग भी उम्मीद से भरे हैं। जम्मू के रामबन के रहने वाले रमेश कुमार कहते हैं, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे बिना डर के बड़े हों।” हालांकि, सीमा पर ड्रोन गतिविधियों और घुसपैठ की आशंका बनी हुई है। बीएसएफ ने कहा कि वे एंटी-ड्रोन तकनीक (anti-drone technology) को और मजबूत करेंगे।

निष्कर्ष:

भारत-पाकिस्तान युद्धविराम ने सीमावर्ती राज्यों में नई उम्मीद जगाई है। लोग अपने घरों, खेतों और दुकानों में लौट रहे हैं। हालांकि, शांति को बनाए रखने के लिए दोनों देशों को संयम और सहयोग की जरूरत है। जैसा कि उधमपुर की शबाना ने कहा, “अब बस यही दुआ है कि यह शांति हमेशा बनी रहे।” #IndiaPakistanCeasefire #BorderPeace #BSF #AttariBorder #JammuKashmir #Punjab #Rajasthan #Gujarat #CeasefireNews

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