ज्योति मल्होत्रा मामला: यूट्यूबर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी का आरोप

ज्योति मल्होत्रा मामला

हरियाणा के हिसार की रहने वाली 33 वर्षीय यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा मामला, जो अपने यूट्यूब चैनल ‘ट्रैवल विद जो’ के लिए जानी जाती हैं, को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, ज्योति ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पहले पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे। ज्योति की गिरफ्तारी ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसमें पंजाब और हरियाणा के कई लोग शामिल हैं।

ज्योति मल्होत्रा और पाकिस्तानी कनेक्शन

ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को हिसार के न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 और भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला कि ज्योति 2023 में दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के संपर्क में आई थीं। दानिश ने ज्योति को वीजा दिलाने में मदद की और उनकी पाकिस्तान यात्रा की व्यवस्था की।

ज्योति ने चार बार पाकिस्तान की यात्रा की, जिसमें उनकी मुलाकात दानिश के परिचित अली अहवान, राणा शाहबाज, और शकीर जैसे लोगों से हुई। पुलिस के अनुसार, अली अहवान ने ज्योति को पाकिस्तानी खुफिया और सुरक्षा अधिकारियों से मिलवाया। ज्योति ने इन लोगों के साथ व्हाट्सएप, टेलीग्राम, और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा की। संदेह से बचने के लिए ज्योति ने राणा शाहबाज का नंबर ‘जट रंधावा’ के नाम से सेव किया था।

पहलगाम हमले से पहले की गतिविधियां

हिसार के पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन ने खुलासा किया कि ज्योति मल्होत्रा जनवरी 2025 में पहलगाम गई थीं और वहां की वीडियो बनाई थीं। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा की और वहां खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की। पहलगाम हमले के समय (22 अप्रैल 2025) और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर (7 मई 2025) के दौरान भी ज्योति दानिश और अन्य पाकिस्तानी एजेंटों के संपर्क में थीं। पुलिस का मानना है कि ज्योति ने पहलगाम हमले से संबंधित संवेदनशील जानकारी साझा की हो सकती है, हालांकि अभी तक सैन्य जानकारी लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ज्योति ने अपने यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान की सकारात्मक छवि पेश करने वाले वीडियो पोस्ट किए, जैसे ‘इंडियन गर्ल इन पाकिस्तान’ और ‘इंडियन गर्ल एक्सप्लोरिंग लाहौर’। इन वीडियो में वे पाकिस्तान की संस्कृति और मेहमाननवाजी की तारीफ करती दिखाई दीं, जिसे पुलिस अब प्रोपेगेंडा का हिस्सा मान रही है।

ज्योति मल्होत्रा मामला

गिरफ्तारी और जांच

ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया और उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जैसे लैपटॉप और मोबाइल, की फोरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने कौन-कौन सी जानकारी साझा की। हिसार पुलिस ने बताया कि ज्योति अन्य यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स के भी संपर्क में थी, जो पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे। इनमें पुरी की एक महिला यूट्यूबर भी शामिल है, जिससे ज्योति सितंबर 2024 में मिली थी।

पंजाब पुलिस ने भी मलेरकोटला से गजाला और यामीन मोहम्मद को गिरफ्तार किया, जो दानिश के साथ वित्तीय लेन-देन और वीजा प्रक्रिया में शामिल थे। इसके अलावा, हरियाणा के कैथल से देवेंद्र सिंह ढिल्लो को गिरफ्तार किया गया, जिसने पाकिस्तान यात्रा के दौरान पटियाला छावनी के वीडियो साझा किए थे।

पाकिस्तान उच्चायोग का किरदार

पाकिस्तान उच्चायोग में तैनात दानिश को 13 मई 2025 को जासूसी के आरोप में भारत से निष्कासित कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, दानिश ने ज्योति को न केवल वीजा दिलवाया, बल्कि उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ जोड़ा। ज्योति ने 28 मार्च 2024 को दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग की इफ्तार पार्टी में हिस्सा लिया था, जहां उनकी दानिश और उसकी पत्नी के साथ गर्मजोशी भरी बातचीत का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में ज्योति उच्चायोग की सजावट की तारीफ करती और बार-बार पाकिस्तान जाने की इच्छा जताती दिखाई दीं।

पहलगाम हमले पर ज्योति का बयान

पहलगाम हमले के बाद ज्योति ने एक वीडियो जारी किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कहा, “कश्मीर में हर चप्पे-चप्पे पर सेना तैनात है। अगर तब भी यह हमला हुआ, तो कहीं न कहीं हम भी दोषी हैं। हमें सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए।” इस बयान को कुछ लोगों ने उनकी जिम्मेदारी स्वीकार करने की कोशिश माना, जबकि पुलिस इसे उनके पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ मिलीभगत का हिस्सा मान रही है।

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जासूसी नेटवर्क का खुलासा

ज्योति की गिरफ्तारी ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। हिसार के एसपी शशांक कुमार सावन ने कहा, “पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपने एजेंट के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं। यह एक नया युद्ध है, जिसमें वे प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए प्रभावशाली लोगों को भर्ती करते हैं।” पुलिस अब अन्य संदिग्धों की जांच कर रही है, जिनमें ओडिशा की एक यूट्यूबर भी शामिल है।

ज्योति मल्होत्रा का मामला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उनकी गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया और प्रभावशाली लोगों का उपयोग कर भारत के खिलाफ साजिश रच रही हैं। ज्योति ने अपने यूट्यूब चैनल, जिसके 3.77 लाख सब्सक्राइबर हैं, और इंस्टाग्राम पर 1.33 लाख फॉलोअर्स के जरिए पाकिस्तान की सकारात्मक छवि बनाकर भारतीय दर्शकों को प्रभावित करने की कोशिश की।

पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी हैं। यह मामला न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कितना खतरनाक हो सकता है।

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