कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट मौत: इंजीनियर विनीत दुबे की दर्दनाक मृत्यु, डॉक्टर पर FIR

कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट

कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान हुई एक दुखद घटना ने कॉस्मेटिक सर्जरी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 36 वर्षीय इंजीनियर विनीत दुबे की हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 13 मार्च 2025 को कल्याणपुर के एक निजी क्लिनिक में हुई, जिसे डॉ. अनुष्का तिवारी चला रही थीं। प्रक्रिया के दौरान विनीत के चेहरे पर सूजन आ गई, और इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। डॉक्टर ने क्लिनिक बंद कर फरार हो गईं, और अब उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह घटना हेयर ट्रांसप्लांट के खतरों और मेडिकल लापरवाही को उजागर करती है।

कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट मौत का पूरा विवरण

विनीत दुबे पनकी पावर प्लांट में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे। गोरखपुर के रहने वाले विनीत ने हाल ही में एचबीटीआई कानपुर से पीएचडी पूरी की थी। उनकी पत्नी जया दुबे के अनुसार, विनीत अपने लुक को लेकर सजग थे और गंजेपन से परेशान थे। सोशल मीडिया पर हेयर ट्रांसप्लांट के विज्ञापनों और डॉ. अनुष्का तिवारी की कॉल ने उन्हें इस प्रक्रिया के लिए प्रेरित किया।

12 मार्च 2025 को विनीत ने कल्याणपुर के एम्पायर वाराही क्लिनिक में डॉ. अनुष्का तिवारी से संपर्क किया। 13 मार्च को हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया शुरू हुई। डॉक्टर ने विनीत को एक इंजेक्शन लगाया, जिसके तुरंत बाद उनके चेहरे पर सूजन आ गई। उनकी हालत बिगड़ने लगी, और डॉ. अनुष्का ने उन्हें सर्वोदय नगर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।

विनीत के रिश्तेदारों ने उन्हें रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इंफेक्शन इस कदर फैल चुका था कि 14 मार्च को उनकी मौत हो गई। जया ने बताया कि वह होली के लिए अपने बच्चों के साथ मायके गोंडा गई थीं। डॉक्टर ने किसी और नंबर से फोन करके विनीत की हालत खराब होने की सूचना दी थी। जब तक जया अस्पताल पहुँचीं, विनीत की मृत्यु हो चुकी थी।

पुलिस कार्रवाई और डॉक्टर अनुष्का तिवारी पर FIR

विनीत की मौत के बाद डॉ. अनुष्का तिवारी ने अपना क्लिनिक बंद कर दिया और फरार हो गईं। उन्होंने क्लिनिक के बाहर लगे हेयर ट्रांसप्लांट के साइनबोर्ड को भी हटा लिया। जया ने न्याय के लिए थाना, चौकी, एसीपी, डीसीपी, और पुलिस कमिश्नर के दफ्तरों के चक्कर काटे। शुरुआत में उनकी सुनवाई नहीं हुई, लेकिन मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत और विनीत के ऑडियो-वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद कार्रवाई हुई।

लगभग 54 दिनों की मशक्कत के बाद कल्याणपुर थाने में डॉ. अनुष्का तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज की गई। रावतपुर के एसीपी अभिषेक पांडे ने बताया कि डॉक्टर को बयान देने के लिए कई बार बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आईं। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है, और उनकी तलाश में छापेमारी जारी है। जाँच में यह भी पता चला कि अनुष्का तिवारी हरियाणा की रहने वाली हैं और बिना किसी मेडिकल डिग्री के क्लिनिक चला रही थीं।

हेयर ट्रांसप्लांट के खतरे: सावधानी क्यों जरूरी?

हेयर ट्रांसप्लांट एक सामान्य कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, लेकिन इसमें जोखिम भी शामिल हैं। नोएडा के वरिष्ठ ट्राइकोलॉजिस्ट डॉ. निशांत के अनुसार, हेयर ट्रांसप्लांट में FUE और FUT तकनीकें प्रयोग की जाती हैं। FUE आधुनिक और कम तकलीफदेह है, लेकिन इसे प्रशिक्षित डॉक्टर द्वारा करना जरूरी है। बिना एलर्जी टेस्ट या मेडिकल जाँच के सर्जरी करने से इंफेक्शन, सूजन, और जानलेवा जोखिम हो सकते हैं।

कानपुर हेयर ट्रांसप्लांट

विनीत की मौत का कारण इंफेक्शन बताया जा रहा है, जो संभवतः गलत प्रक्रिया या अस्वच्छ परिस्थितियों के कारण फैला। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले मरीज को अपनी मेडिकल हिस्ट्री डॉक्टर को बतानी चाहिए और केवल प्रमाणित सर्जन से ही प्रक्रिया करानी चाहिए। सस्ते पैकेज के लालच में अप्रशिक्षित लोगों के पास जाने से ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं।

मेडिकल लापरवाही और जागरूकता की जरूरत

यह घटना मेडिकल लापरवाही और कॉस्मेटिक सर्जरी के क्षेत्र में सख्त नियमों की कमी को दर्शाती है। सोशल मीडिया पर सस्ते हेयर ट्रांसप्लांट के विज्ञापन लोगों को आकर्षित करते हैं, लेकिन इनमें सुरक्षा मानकों की जानकारी नहीं दी जाती। विनीत की मौत ने यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बिना लाइसेंस के चलने वाले क्लिनिक्स पर कोई निगरानी है?

सरकार को ऐसे क्लिनिक्स पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बिना मेडिकल डिग्री के प्रैक्टिस करने वालों के खिलाफ कठोर कानून लागू करने की जरूरत है। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाने चाहिए ताकि वे हेयर ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाओं से पहले सही जानकारी प्राप्त करें।

निष्कर्ष:

कानपुर में विनीत दुबे की हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान हुई मौत एक चेतावनी है। यह घटना हमें सिखाती है कि कॉस्मेटिक सर्जरी कराने से पहले पूरी जाँच और सावधानी बरतना जरूरी है। सस्ते ऑफर के लालच में अपनी जान को जोखिम में न डालें। सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय, और समाज को मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

क्या आपके पास हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ा कोई अनुभव है? अपनी राय कमेंट में शेयर करें और इस खबर को अपने दोस्तों के साथ साझा करें ताकि लोग जागरूक हो सकें।

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