उत्तर पूर्व भारत में 17 मई 2025 को मौसम बहुत खराब हो सकता है। असम और मेघालय जैसे राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के अलर्ट हैं।
गुवाहाटी, शिलांग और इंफाल जैसे शहरों में तापमान और हवा का ध्यान रखना जरूरी है। इन शहरों के लोगों को सावधानियों के बारे बताया जा रहा है। ताकि वे सुरक्षित रह सकें।
मुख्य बातें
- असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट
- गुवाहाटी, शिलांग और इंफाल में तापमान और हवा की स्थिति
- निवासियों के लिए आवश्यक सावधानियां
- बाढ़ और भूस्खलन के संभावित खतरे
- मौसम अपडेट के लिए नियमित निगरानी
उत्तर पूर्व भारत में आज का मौसम: एक नज़र में
मौसम विभाग ने उत्तर पूर्व भारत के कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है। उन राज्यों के लिए यह अलर्ट है जो पहले से ही मानसून का सामना कर रहे हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने अलर्ट में कहा है कि अगले 24 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश की तीव्रता बहुत अधिक हो सकती है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और बाढ़ हो सकती है।
प्रभावित राज्य और क्षेत्र
उत्तर पूर्व भारत के कई राज्य इस अलर्ट से प्रभावित हो सकते हैं। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, और मणिपुर जैसे राज्य प्रमुख हैं। इन राज्यों के कई जिले बाढ़ और भूस्खलन के खतरे से संवेदनशील हैं।
राज्य | प्रभावित जिले | संभावित खतरा |
---|---|---|
असम | गुवाहाटी, जोरहाट, डिब्रूगढ़ | बाढ़ |
मेघालय | शिलांग, चेरापूंजी | भूस्खलन |
अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर, तवांग | बाढ़ |
17 मई 2025 का समग्र मौसम चित्र
17 मई 2025 को उत्तर पूर्व भारत में बादल छाए रहेंगे। बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को मौसम की जानकारी के लिए नियमित अपडेट लेने की सलाह दी गई है।
असम में भारी बारिश की स्थिति
असम में भारी बारिश हो रही है। इससे कई जिलों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।
गुवाहाटी का मौसम आज
गुवाहाटी में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया है। शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया है। लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान और आर्द्रता
गुवाहाटी में तापमान कम है। आर्द्रता बहुत अधिक है। लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्षा का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में और अधिक बारिश होने की संभावना है। जलभराव और बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

बाढ़ प्रभावित जिले
असम के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लखीमपुर, दरांग, और नलबाड़ी जिले प्रमुख हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दी जा रही है।
ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियों का जलस्तर
ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। सुबनसिरी और बेकी नदियों में भी जलस्तर बढ़ रहा है। बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है।
स्थानीय प्रशासन की तैयारियां
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ के लिए तैयारियां की हैं। राहत शिविर और बचाव दल तैनात हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
असम में बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन हर संभव कदम उठा रहा है। प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए काम किया जा रहा है।
मेघालय में मौसम अलर्ट और वर्तमान स्थिति
मेघालय में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। आगामी दिनों में भारी बारिश हो सकती है। इसीलिए, राज्य में सुरक्षा के उपाय बढ़ाए गए हैं।
शिलांग में बारिश का प्रभाव
शिलांग में भारी बारिश ने कई सड़कें बंद कर दीं। यह आवागमन को प्रभावित कर रहा है। कई जगहों पर यातायात बाधित है।
वर्तमान तापमान और वर्षा मात्रा
शिलांग का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस है। पिछले 24 घंटों में 120 मिमी से अधिक वर्षा हुई है।
आवागमन पर प्रभाव
भारी बारिश ने शिलांग के कई मार्गों को अवरुद्ध कर दिया है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की सलाह दी है।
भूस्खलन की चेतावनी वाले क्षेत्र
मेघालय के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी से रहने की सलाह दी है।
पर्यटकों के लिए सलाह और सावधानियां
पर्यटकों को मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से बचें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
राज्य आपदा प्रबंधन की तैयारियां
मेघालय ने बाढ़ और भूस्खलन के लिए तैयारियां की हैं। राहत टीमें और बचाव दल तैनात हैं।
अरुणाचल प्रदेश का मौसम अपडेट
अरुणाचल प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। ईटानगर, तवांग, नदियों का जलस्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों के मौसम पर चर्चा करेंगे।
ईटानगर और तवांग की स्थिति
ईटानगर और तवांग में मौसम का ध्यान दिया जा रहा है। भारी बारिश की संभावना के कारण तैयारियां शुरू हो गई हैं।
तापमान और वर्षा का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, ईटानगर में तापमान 22 डिग्री रहेगा। तवांग में यह 18 डिग्री तक गिर सकता है। दोनों शहरों में भारी वर्षा हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानियां
पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को सावधानी से रहने की सलाह दी गई है। भूस्खलन और बाढ़ के खतरे को देखते हुए सुरक्षा उपाय मजबूत किए गए हैं।
नदियों का जलस्तर और बाढ़ की आशंका
अरुणाचल प्रदेश की नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। ब्रह्मपुत्र और सहायक नदियों में बाढ़ की आशंका है। तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
नदी का नाम | वर्तमान जलस्तर | बाढ़ की आशंका |
---|---|---|
ब्रह्मपुत्र | 150 सेमी | |
उच्च | ||
कामेंग | 120 सेमी | मध्यम |
सियांग | 180 सेमी | उच्च |
सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम की स्थिति
सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम का ध्यान दिया जा रहा है। इन क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षा के लिए निर्देश दिए गए हैं।
मणिपुर और नागालैंड में मौसम की स्थिति
उत्तर पूर्व भारत के मणिपुर और नागालैंड राज्यों में मौसम बहुत महत्वपूर्ण है। यह मौसम स्थानीय जीवन और पर्यटन पर बड़ा प्रभाव डालता है।
इंफाल का तापमान और वर्षा
इंफाल, मणिपुर की राजधानी, में तापमान और वर्षा का ध्यान दिया जाता है। यहाँ का तापमान मध्यम होता है। लेकिन मानसून के समय भारी वर्षा होती है।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव
इंफाल के शहरी क्षेत्रों में जलभराव एक बड़ी समस्या है। मानसून के समय यह समस्या और भी बढ़ जाती है।
यातायात व्यवस्था पर प्रभाव
जलभराव से यातायात व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सड़कें अवरुद्ध होने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयाँ होती हैं।
कोहिमा में मौसम परिवर्तन
कोहिमा, नागालैंड की राजधानी, में मौसम परिवर्तन का प्रभाव देखा जा सकता है। यहाँ की ऊंचाई के कारण तापमान में बदलाव होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव बहुत गहरा होता है। खेती-किसानी पर इसका सीधा असर पड़ता है। कभी-कभी भूस्खलन जैसी घटनाएं भी होती हैं।
आवश्यक सेवाओं की स्थिति
मौसम की स्थिति से आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं समय पर बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है।
इन राज्यों में मौसम को समझना और तैयारी करना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन और जनता को मिलकर इन चुनौतियों का सामना करना होगा।
सिक्किम में बर्फबारी और वर्षा का अनुमान
सिक्किम के गंगटोक और अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का अनुमान जानने के लिए हमें मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान देना होगा। यहां बर्फबारी और वर्षा का अनुमान लगाया जा रहा है। इसका प्रभाव पर्यटन और स्थानीय जीवन पर पड़ सकता है।
गंगटोक का मौसम
गंगटोक में वर्तमान में मौसम की स्थिति कैसी है, यह जानना बहुत जरूरी है। यहां तापमान और हिमपात की स्थिति निम्नलिखित है:
तापमान और हिमपात
गंगटोक में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। हिमपात की संभावना 70% है।
दिन | तापमान (°C) | हिमपात की संभावना (%) |
---|---|---|
17 मई | 12 | 70 |
18 मई | 11 | 80 |
पर्यटकों के लिए सलाह
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति पर नजर रखें। वे आवश्यक सावधानियां भी बरतें।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना अधिक है। इन क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पर्यटन पर प्रभाव और सरकारी निर्देश
सिक्किम में बर्फबारी और वर्षा के कारण पर्यटन पर प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने पर्यटकों के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।
नाथुला दर्रे की स्थिति
नाथुला दर्रे में बर्फबारी के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने यात्रियों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है।
त्रिपुरा और मिजोरम का मौसम पूर्वानुमान
पूर्वोत्तर भारत के अगरतला और आइजोल शहरों में मौसम विभाग ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यहां भारी बारिश हो सकती है। इसलिए, रहने वाले लोगों को सावधानी से रहने की सलाह दी गई है।
अगरतला में वर्षा की संभावना
अगरतला में भारी बारिश हो सकती है। यह शहरी क्षेत्रों में जलभराव का कारण बन सकती है।
शहरी क्षेत्रों में जलभराव
जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को दिनभर के काम में परेशानी हो सकती है।
तापमान और आर्द्रता
तापमान कम हो सकता है और आर्द्रता बढ़ सकती है। इससे मौसम और भी खराब हो सकता है।
आइजोल का मौसम
आइजोल में भी भारी बारिश हो सकती है। इससे भूस्खलन और अन्य आपदाएं हो सकती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश का नुकसान हो सकता है। इससे फसलें खराब हो सकती हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति
सीमावर्ती क्षेत्रों में मौसम का ध्यान रखना जरूरी है। यहां खतरा अधिक हो सकता है।
क्षेत्र | वर्षा की संभावना | तापमान |
---|---|---|
अगरतला | उच्च | 25°C |
आइजोल | उच्च | 22°C |
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का प्रभाव
मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। यह उत्तर पूर्व भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। इस निम्न दबाव के कारण चक्रवाती हलचल तेज हो सकती है।
चक्रवाती हलचल और विकास
बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण चक्रवाती हलचल तेज हो गई है। चक्रवात के विकसित होने की स्थिति में, तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है।
उत्तर पूर्व राज्यों पर प्रभाव
उत्तर पूर्व राज्यों में भारी बारिश की आशंका है। असम, मेघालय, और त्रिपुरा में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति हो सकती है।
राज्य | प्रभाव |
---|---|
असम | भारी बारिश और बाढ़ |
मेघालय | भूस्खलन और तेज हवाएं |
त्रिपुरा | अत्यधिक वर्षा और जलभराव |
मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले 48 घंटों में निम्न दबाव और अधिक सक्रिय हो सकता है। तैयार रहना आवश्यक है और लोगों को समय रहते सूचित किया जा रहा है।
तटीय क्षेत्रों में सावधानियां
तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। निम्न दबाव के प्रभाव से समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
IMD द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान
IMD ने कहा है कि अगले दिनों में भारी बारिश हो सकती है। यह उत्तर पूर्व भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यहां भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति है।
अगले 24 घंटों का अनुमान
अगले 24 घंटों में असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। गुवाहाटी और शिलांग जैसे शहरों में भारी वर्षा की संभावना है। इसलिए, स्थानीय प्रशासन को तैयार रहना होगा। वे बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए तैयार होंगे।
वर्षा का वितरण
वर्षा का वितरण असमान हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में बहुत अधिक बारिश होगी। दूसरे क्षेत्रों में मध्यम वर्षा होगी।
तापमान में उतार-चढ़ाव
तापमान में भी बदलाव हो सकता है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रात के समय तापमान कम हो सकता है।
अगले 5 दिनों का पूर्वानुमान
अगले 5 दिनों में उत्तर पूर्व भारत में बारिश जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, और नागालैंड में भी भारी बारिश हो सकती है।
रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्र
कुछ क्षेत्रों को रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। असम के कुछ जिले और मेघालय के कुछ हिस्से रेड अलर्ट पर हैं। अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के कुछ हिस्से ऑरेंज अलर्ट पर हैं।
सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा
सैटेलाइट इमेजरी और रडार डेटा का उपयोग मौसम की जानकारी के लिए किया जा रहा है। यह बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं की भविष्यवाणी में मदद करता है।
राज्य | अगले 24 घंटों का अनुमान | अलर्ट स्थिति |
---|---|---|
असम | भारी बारिश | रेड अलर्ट |
मेघालय | भारी बारिश | रेड अलर्ट |
अरुणाचल प्रदेश | मध्यम से भारी बारिश | ऑरेंज अलर्ट |
मानसून2025: उत्तर पूर्व भारत में प्रवेश और प्रभाव
उत्तर पूर्व भारत में मानसून 2025 बहुत महत्वपूर्ण होगा। हमें इसकी वर्तमान स्थिति और पिछले वर्षों की तुलना जाननी होगी। इसके कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव भी समझना होगा।
मानसून की वर्तमान स्थिति
मानसून 2025 के आने से उत्तर पूर्व भारत में वर्षा बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की शुरुआत थोड़ी पहले हो सकती है। इससे समय पर वर्षा होने की संभावना बढ़ जाएगी।
पिछले वर्षों से तुलना
मानसून 2025 में वर्षा में बदलाव हो सकता है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में मानसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। यह कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव डालता है।
कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव
मानसून 2025 का कृषि और जल संसाधनों पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। अच्छी वर्षा से कृषि उत्पादन बढ़ सकता है। लेकिन, अपर्याप्त या अत्यधिक वर्षा समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं।
राज्य | वर्षा की संभावना | कृषि प्रभाव |
---|---|---|
असम | उच्च | धान और चाय की फसल पर सकारात्मक प्रभाव |
मेघालय | मध्यम | कृषि उत्पादन में सामान्य वृद्धि |
अरुणाचल प्रदेश | उच्च | जल संसाधनों में वृद्धि |
जलवायु परिवर्तन का असर
जलवायु परिवर्तन से मानसून पैटर्न में बदलाव आ रहा है। उत्तर पूर्व भारत में मौसमी बदलावों का सामना करना पड़ रहा है।
मानसून 2025 के आने पर, उत्तर पूर्व भारत को अपनी योजनाएं तैयार करनी होंगी। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए रणनीतियों का विकास करना जरूरी है।
निष्कर्ष
उत्तर पूर्व भारत में मौसम बहुत खराब है। यहां भारी बारिश और बाढ़ के अलर्ट ने लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा, और मिजोरम जैसे राज्यों में मौसम की समस्याएं बढ़ रही हैं।
मानसून2025 के आने से बारिश और भूस्खलन की स्थिति और भी खराब हो सकती है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। लोगों को सावधानी से रहना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
उत्तर पूर्व भारत में मौसम की जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट और प्रशासन से जुड़े रहना जरूरी है। इससे जान-माल की हानि कम होगी।
FAQ
उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश और बाढ़ अलर्ट के कारण क्या हैं?
उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश और बाढ़ के कारण होते हैं। यह बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव और चक्रवाती हलचल के कारण होते हैं।
असम और मेघालय में भारी बारिश के क्या प्रभाव हैं?
असम और मेघालय में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन होते हैं। इससे जान-माल की हानि होती है।
गुवाहाटी और शिलांग में मौसम की वर्तमान स्थिति क्या है?
गुवाहाटी और शिलांग में तापमान और आर्द्रता बढ़ गई है। भारी बारिश के कारण बाढ़ का खतरा है। इसलिए अलर्ट जारी किया गया है।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मौसम की स्थिति कैसी है?
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में भी भारी बारिश हो रही है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं।
सिक्किम में बर्फबारी और वर्षा का अनुमान क्या है?
सिक्किम में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और वर्षा होने का अनुमान है। इससे पर्यटन पर प्रभाव पड़ सकता है।
त्रिपुरा और मिजोरम में मौसम पूर्वानुमान क्या है?
त्रिपुरा और मिजोरम में भारी बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ का खतरा है। इसलिए अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून 2025 के उत्तर पूर्व भारत में प्रवेश और प्रभाव क्या होंगे?
मानसून 2025 के उत्तर पूर्व भारत में प्रवेश से कृषि और जल संसाधनों पर प्रभाव पड़ेगा। जलवायु परिवर्तन के असर भी देखे जा सकते हैं।
IMD द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों में क्या होगा?
IMD द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा है। इसलिए अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश और बाढ़ से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
उत्तर पूर्व भारत में भारी बारिश और बाढ़ से बचाव के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहना जरूरी है। जलभराव से बचना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना भी महत्वपूर्ण है।