ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की सटीक कार्रवाई, 7 मई को 9 आतंकी शिविर नष्ट, 3 मिनट में 13 दुश्मन पोस्ट ध्वस्त

ऑपरेशन सिंदूर

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिसमें अधिकतर पर्यटक थे। इस बर्बर हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी शिविरों को नष्ट किया। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस कार्रवाई में महज 3 मिनट में 13 दुश्मन पोस्ट को ध्वस्त कर दिया गया। यह ऑपरेशन भारत की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का एक मजबूत उदाहरण है।

ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य

ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी संगठनों के ढांचे को नष्ट करना और पहलगाम हमले के दोषियों को सजा देना था। भारतीय सेना ने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई में किसी भी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने या नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया, जिससे भारत का संयमित और सटीक दृष्टिकोण सामने आया।

ऑपरेशन सिंदूर

प्रमुख लक्षित स्थान

ऑपरेशन सिंदूर के तहत निम्नलिखित प्रमुख आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया:

  1. बहावलपुर (पाकिस्तान): जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय।
  2. मुरिदके (पाकिस्तान): लश्कर-ए-तैयबा का गढ़, जिसे हाफिज सईद का मुख्य केंद्र माना जाता है।
  3. मुजफ्फराबाद (PoK): लश्कर-ए-तैयबा का शवाई नाला कैंप।
  4. कोटली (PoK): अब्बास आतंकी शिविर, जो आत्मघाती हमलावरों को प्रशिक्षण देता था।
  5. गुलपुर (PoK): आतंकी लॉजिस्टिक्स हब।
  6. महमूना (पाकिस्तान): हिजबुल मुजाहिदीन का प्रशिक्षण शिविर।
  7. सरजाल (पाकिस्तान): जैश का घुसपैठ के लिए लॉन्चिंग बेस। 8-9. अन्य दो ठिकाने PoK और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में।

इनमें से कई ठिकाने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण थे, क्योंकि ये सीमा के पास या घनी आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित थे, जहां से आतंकी भारत में घुसपैठ की योजना बनाते थे।

ऑपरेशन की समयसीमा और तकनीक

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 की रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच महज 25 मिनट में पूरा हुआ। भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों से SCALP क्रूज मिसाइल और AASM Hammer बम का उपयोग किया। इसके अलावा, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का भी प्रयोग किया गया। भारतीय सेना ने ड्रोन और सैटेलाइट फुटेज के माध्यम से सटीक निशाना साधा, जिससे नागरिकों को कोई नुकसान नहीं हुआ।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 3 मिनट में 13 दुश्मन पोस्ट को नष्ट कर दिया गया, जो भारतीय सशस्त्र बलों की गति और दक्षता को दर्शाता है। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, जिसमें एल-70 एयर डिफेंस गन और ज़ू-23 मिमी गन शामिल थीं, ने पाकिस्तान के जवाबी ड्रोन हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया।

परिणाम और प्रभाव

ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप:

  • 100+ आतंकवादी ढेर, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ, और मुदस्सिर अहमद जैसे हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे, जो IC-814 अपहरण और पुलवामा हमले से जुड़े थे।
  • पाकिस्तानी सेना को नुकसान: भारतीय सेना के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई के अनुसार, 35-40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, हालांकि पाकिस्तान ने केवल 11 सैनिकों की मौत स्वीकार की।
  • 11 पाकिस्तानी एयरबेस तबाह, जिनमें लाहौर, कराची, स्कार्दू, और सरगोधा शामिल थे।
  • 600+ पाकिस्तानी ड्रोन नष्ट, जो भारतीय शहरों पर हमले की कोशिश में थे।

भारतीय सेना ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी नागरिक को नुकसान न पहुंचे। ऑपरेशन के दौरान 5 भारतीय जवान शहीद हुए, जिन्हें देश ने श्रद्धांजलि दी।

ऑपरेशन सिंदूर

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया और भारत का जवाब

पाकिस्तान ने ऑपरेशन के बाद भारत के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश की, जिसमें अमृतसर के गोल्डन टेंपल को निशाना बनाने की साजिश भी शामिल थी। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया।

9 मई को भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच बातचीत हुई, जिसमें 10 मई शाम 5:00 बजे से सीजफायर पर सहमति बनी। लेकिन पाकिस्तान ने कुछ घंटों बाद ही इसका उल्लंघन किया, जिसके जवाब में भारत ने सख्त कार्रवाई की और हॉटलाइन के जरिए चेतावनी जारी की।

वैश्विक प्रतिक्रिया

लंदन में भारत के हाई कमिश्नर विक्रम दोराईस्वामी ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ था, न कि पाकिस्तान की सेना के खिलाफ। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकियों का समर्थन करने का आरोप लगाया। यह बयान वैश्विक स्तर पर वायरल हुआ और भारत की स्थिति को मजबूत किया।

ऑपरेशन सिंदूर भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और सैन्य शक्ति का प्रतीक है। इस कार्रवाई ने न केवल आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऑपरेशन की निगरानी की और इसे आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कदम बताया।

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