भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने 7 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत को झकझोर दिया, क्योंकि रोहित टीम के सबसे अनुभवी ओपनर और कप्तान थे। उनकी रिटायरमेंट की खबर ऐसे समय आई जब भारत को इंग्लैंड दौरे पर पाँच टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलनी है। रोहित शर्मा टेस्ट संन्यास वजह क्या थी? क्या यह उनका खुद का फैसला था या BCCI और सेलेक्टर्स का दबाव? आइए, इसकी गहन जाँच-पड़ताल करते हैं।
रोहित शर्मा टेस्ट संन्यास की मुख्य वजहें
1. लगातार खराब फॉर्म और प्रदर्शन में गिरावट
रोहित शर्मा का टेस्ट करियर शानदार रहा, लेकिन हाल के सालों में उनकी फॉर्म में भारी गिरावट देखी गई। 67 टेस्ट मैचों में उन्होंने 4,301 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 18 अर्धशतक शामिल हैं, और उनका औसत 40.57 रहा। हालांकि, 2024-25 के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। उनके आखिरी नौ टेस्ट मैचों में औसत मात्र 10.93 रहा, और सिडनी टेस्ट के दौरान उन्होंने खुद को टीम से बाहर कर लिया।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथरटन ने कहा कि रोहित का टेस्ट से संन्यास लेना हैरान करने वाला नहीं है, क्योंकि उनकी फॉर्म और कप्तानी अंत में काम नहीं आई। पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी रोहित की हालिया फॉर्म और फिटनेस पर सवाल उठाए, जिससे यह साफ हो गया कि उनका प्रदर्शन उनके संन्यास का एक बड़ा कारण था।

2. फिटनेस और उम्र का प्रभाव
38 साल की उम्र में रोहित शर्मा की फिटनेस भी एक बड़ा मुद्दा बन गई थी। मांजरेकर ने X पर अपनी पोस्ट में कहा कि रोहित के मौजूदा फिटनेस लेवल टेस्ट क्रिकेट की माँगों को पूरा नहीं कर रहे थे। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक बल्लेबाज़ी करने और फील्डिंग करने की ज़रूरत होती है, जो शारीरिक रूप से कठिन है। रोहित ने पहले ही T20I से संन्यास ले लिया था, और अब टेस्ट क्रिकेट से हटकर वह केवल ODI पर ध्यान देना चाहते हैं।
3. BCCI और सेलेक्टर्स का दबाव
रोहित शर्मा का टेस्ट संन्यास पूरी तरह से उनका अपना फैसला नहीं था। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI और सेलेक्टर्स ने उनकी कप्तानी और टीम में जगह पर सवाल उठाए थे। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के बाद BCCI चाहता था कि रोहित इंग्लैंड दौरे पर टीम का नेतृत्व करें। लेकिन सेलेक्टर्स का मानना था कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सफलता रेड-बॉल क्रिकेट में खराब प्रदर्शन की भरपाई नहीं कर सकती।
Cricbuzz की एक रिपोर्ट के अनुसार, रोहित ने BCCI के शीर्ष अधिकारियों को एक ईमेल भेजकर अपने टेस्ट क्रिकेट से हटने के फैसले की जानकारी दी थी। सेलेक्टर्स ने यह भी साफ कर दिया था कि अगर रोहित कप्तान के तौर पर नहीं चुने जाते, तो उन्हें बतौर खिलाड़ी भी टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि सेलेक्टर्स ने रोहित को कई विकल्प दिए, लेकिन उनकी जगह अब नए खिलाड़ियों को मौका देना ज़रूरी था।
4. भविष्य की योजना और ODI पर फोकस
रोहित ने अपने संन्यास की घोषणा के साथ यह भी साफ किया कि वह ODI क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, रोहित ने कहा कि वह तब तक खेलते रहेंगे जब तक उन्हें लगता है कि वह टीम में योगदान दे सकते हैं। उनकी नज़र 2027 ODI वर्ल्ड कप पर है, और वह इस फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाज़ी को और आक्रामक बनाना चाहते हैं। 273 ODI मैचों में 11,168 रन के साथ उनका औसत 48.76 है, जो उनकी इस फॉर्मेट में मज़बूत स्थिति को दर्शाता है।
रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट करियर का अवलोकन
रोहित ने नवंबर 2013 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। शुरू में मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाज़ी करने वाले रोहित को 2019 में ओपनर की भूमिका दी गई, जिसके बाद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। उनके टेस्ट करियर में 2019-21 और 2021-23 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल में नौ शतक शामिल हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हार ने उनकी कप्तानी और बल्लेबाज़ी पर सवाल खड़े कर दिए।
रोहित के संन्यास पर क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया
- BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला: “रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट में बहुत योगदान दिया है। संन्यास का फैसला पूरी तरह से उनका है, और हमें इसका सम्मान करना चाहिए।”
- महेंद्र सिंह धोनी: “रोहित एक शानदार लीडर और बल्लेबाज़ रहे हैं। उनकी कमी टेस्ट टीम को खलेगी।”
- मनोज तिवारी: “रोहित को मैदान पर विदाई मिलनी चाहिए थी, न कि सोशल मीडिया पर।”
टेस्ट क्रिकेट में रोहित की जगह कौन लेगा?
रोहित के संन्यास के बाद भारत को एक नए ओपनर और कप्तान की तलाश है। स्पोर्ट्स तक की रिपोर्ट के अनुसार, साई सुदर्शन इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ में रोहित की जगह ले सकते हैं। वहीं, शुभमन गिल को कप्तानी का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

बल्लेबाजी कैरियर
M | Inn | Runs | BF | HS | Avg | SR | NO | 4s | 6s | 50 | 100 | 200 | |
---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
Test | 67 | 116 | 4301 | 7538 | 212 | 40.58 | 57.06 | 10 | 473 | 88 | 18 | 12 | 1 |
ODI | 273 | 265 | 11168 | 12034 | 264 | 48.77 | 92.81 | 36 | 1044 | 344 | 58 | 32 | 3 |
T20 | 159 | 151 | 4231 | 3003 | 121 | 31.34 | 140.90 | 16 | 383 | 205 | 32 | 5 | 0 |
IPL | 268 | 263 | 6928 | 5251 | 109 | 29.73 | 131.94 | 30 | 627 | 297 | 46 | 2 | 0 |
गेंदबाजी कैरियर
M | Inn | B | Runs | Wkts | Avg | Econ | SR | BBI | BBM | 5w | 10w | |
---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
Test | 67 | 16 | 383 | 224 | 2 | 112.0 | 3.51 | 191.5 | 1/26 | 1/35 | 0 | 0 |
ODI | 273 | 40 | 610 | 533 | 9 | 59.22 | 5.24 | 67.78 | 2/27 | 2/27 | 0 | 0 |
T20 | 159 | 9 | 68 | 113 | 1 | 113.0 | 9.97 | 68.0 | 1/22 | 1/22 | 0 | 0 |
IPL | 268 | 32 | 339 | 453 | 15 | 30.2 | 8.02 | 22.6 | 4/6 | 4/6 | 0 | 0 |
निष्कर्ष:
रोहित शर्मा टेस्ट संन्यास वजह कई कारकों का मिश्रण है—खराब फॉर्म, फिटनेस, सेलेक्टर्स का दबाव, और भविष्य की योजनाएँ। हिटमैन का टेस्ट करियर भले ही उम्मीदों जितना ऊँचा न रहा, लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में उपलब्धियाँ हमेशा याद की जाएँगी। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि क्रिकेट में बदलाव अनिवार्य है, और नए खिलाड़ियों को मौका देना ज़रूरी है।