शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 800 अंकों की बढ़त के साथ 82,000 के करीब, निफ्टी 24,900 के पार

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल

21 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल दर्ज की, जिसमें बीएसई सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक की उछाल के साथ 82,000 के स्तर के करीब पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,900 के पार कारोबार कर रहा था। यह तेजी ग्लोबल मार्केट्स से सकारात्मक संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी, और मजबूत सेक्टोरल प्रदर्शन, विशेष रूप से बैंकिंग और आईटी सेक्टर, के कारण देखी गई। बाजार की इस रौनक ने निवेशकों का जोश बढ़ाया, और बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 435 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया।

बाजार का प्रदर्शन

सेंसेक्स और निफ्टी का उछाल

सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 81,400 के स्तर को पार कर गया, और दोपहर तक यह 800 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 81,765.86 के आसपास बंद हुआ। निफ्टी ने भी 240.95 अंकों की उछाल के साथ 24,708.40 का स्तर छुआ। यह तेजी पिछले कुछ दिनों की अस्थिरता के बाद आई, जिसमें 20 मई को सेंसेक्स 800 अंकों की गिरावट के साथ 80,956.33 पर बंद हुआ था।

इस दिन सेंसेक्स की 30 में से 28 कंपनियां हरे निशान में रहीं, जिसमें इन्फोसिस, टीसीएस, टाइटन, एसबीआई, और एक्सिस बैंक जैसे शेयरों ने 3-5% की बढ़त दर्ज की। केवल सन फार्मा और इंडसइंड बैंक में मामूली गिरावट देखी गई। निफ्टी के 13 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में से अधिकांश हरे निशान में रहे, जिसमें निफ्टी आईटी 44,385.15 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

प्रमुख सेक्टर्स का प्रदर्शन

  • बैंकिंग सेक्टर: एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, और एसबीआई जैसे दिग्गज बैंकों ने बाजार को मजबूत सहारा दिया। निफ्टी बैंक इंडेक्स में 2.5% की तेजी देखी गई।
  • आईटी सेक्टर: इन्फोसिस और टीसीएस जैसे शेयरों में 3-4% की उछाल आई, जो ग्लोबल टेक मार्केट में रिकवरी और ट्रम्प प्रशासन की नीतियों से कम प्रभाव की उम्मीदों से प्रेरित थी।
  • मिडकैप और स्मॉलकैप: बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.2-1.5% की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार में व्यापक तेजी को दर्शाता है।
अडानी एंटरप्राइजेज

तेजी के कारण

बाजार की इस तेजी के पीछे कई कारक रहे:

  1. ग्लोबल मार्केट्स से सकारात्मक संकेत: एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, जिसमें जापान का निक्केई 225 0.88% और चीन का शंघाई कम्पोजिट 0.55% ऊपर रहा। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए, जिसमें डॉव जोन्स 0.99% और नैस्डैक 0.27% की बढ़त के साथ बंद हुआ।
  2. FII निवेश की वापसी: दो महीने की भारी बिकवाली के बाद, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में खरीदारी शुरू की। 20 मई को FII ने 14,064.05 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिसने बाजार को सहारा दिया।
  3. सीजफायर का प्रभाव: भारत-पाकिस्तान सीजफायर की खबरों ने निवेशक सेंटीमेंट को और मजबूत किया। यह तेजी 12 मई 2025 को देखी गई थी, जब सेंसेक्स 2,975.43 अंकों की उछाल के साथ 82,429.90 पर बंद हुआ था।
  4. आर्थिक स्थिरता: भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और ट्रम्प प्रशासन के टैरिफ नीतियों के तुलनात्मक रूप से कम प्रभाव ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन

  • इन्फोसिस: 3.62% की तेजी के साथ 1,900 रुपये के पार।
  • टीसीएस: 3.92% की उछाल के साथ 4,200 रुपये के स्तर पर।
  • एसबीआई: 4.34% की बढ़त, 900 रुपये के करीब।
  • अडानी एंटरप्राइजेज: 7.27% की उछाल, सीजफायर समाचार के बाद मजबूती।
  • एचडीएफसी बैंक: मामूली 0.03% की गिरावट, लेकिन समग्र बैंकिंग सेक्टर में तेजी।

वैश्विक और घरेलू संदर्भ

पिछले कुछ महीनों में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया। 22 नवंबर 2024 को सेंसेक्स 1,961 अंकों की उछाल के साथ 80,109.85 पर बंद हुआ था, जो पांच महीने की सबसे बड़ी तेजी थी। हालांकि, 20 मई 2025 को बाजार में 800 अंकों की गिरावट भी देखी गई, जो वैश्विक अनिश्चितताओं और प्रॉफिट बुकिंग के कारण थी।

वैश्विक स्तर पर, ट्रम्प प्रशासन के टैरिफ नीतियों की घोषणा ने कुछ अनिश्चितता पैदा की थी, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव सीमित रहने की उम्मीद ने बाजार को सहारा दिया। इसके अलावा, तेल की कीमतों में स्थिरता (ब्रेंट क्रूड 72.68 डॉलर प्रति बैरल) और अमेरिकी बाजारों में मजबूती ने भी सकारात्मक माहौल बनाया।

निवेशकों के लिए सुझाव

शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल
  • लॉन्ग-टर्म निवेश: बैंकिंग और आईटी सेक्टर में मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनियों पर ध्यान दें।
  • सतर्कता: वैश्विक अनिश्चितताओं, जैसे ट्रम्प टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव, के कारण शॉर्ट-टर्म अस्थिरता की संभावना बनी रहती है।
  • डायवर्सिफिकेशन: मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेश के अवसर तलाशें, लेकिन जोखिम प्रबंधन पर ध्यान दें।

निष्कर्ष

21 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों के लिए उत्साहजनक माहौल बनाया। सेंसेक्स और निफ्टी की इस तेजी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और निवेशक विश्वास को दर्शाया। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाजार की इस रौनक ने न केवल निवेशकों की संपत्ति बढ़ाई, बल्कि भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया।

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